Tuesday, September 6, 2016

सपना चौधरी.. तुम तो धोखेबाज निकली रे .!

सपना चौधरी (तस्वीर: सोशल मीडिया)
सपना चौधरी.. आप तो जानते ही होगे ना । वही, जो एक बार स्टेज पर आ जाती है तो कितने की दिलों की धड़कनें धक-धक करने लगती हैं। उसके एक-एक ठुमके पर यूपी, बिहार ही नहीं हरियाणा और यहां तक कि जम्मू कश्मीर भी ठुमकता है लेकिन उससे मेरी कुछ नाराजगी है। 

हरियाणा के रेवाड़ी जिले से कुछ किलोमीटर दूर एक गाँव है 'आसरा का माजरा'। मेरी बचपन की गर्मियों की सारी छुट्टियां इसी गाँव में बीती। ननिहाल है मेरा। मुझसे छोटी कितनी ही कजिन की शादियां हो चुकी है और बाइस की उम्र तक दो-दो बच्चों की माँ बन चुकी है। 

जहाँ किसी के चक्कर में आने के ड़र से अठारह की दहलीज पार करते ही लड़कियों को किसी की 'मर्दानगी' के आगे परोस दिया जाता और सानी भेने का ठेका दे दिया जाता है वहाँ भरे पंडाल में कूल्हे मटका के छोरी तेरे 'सालिड बाडी' वाले डांस पर में फिदा हो गई थी। 


सपना पहली बार तुम्हारे डांस की वीडियो देख कर कहा था 'बंदी की हिम्मत को सलाम' क्योंकि मैं अच्छी तरह जानती हूं कि मुंह खोलकर और आंखें फाड़ते हरियाणवियों के बीच ढुंगे मटकाना कोई मामूली बात तो नहीं। 

जहाँ मैं आज तक कट स्लीव्स पहनने की जुर्रत नहीं कर पायी वहाँ ऐसे सांग के लिए जिगर चाहिए। तुम समझती होगी कि एक कजिन की बारात में ले जाने के लिए हमने कैसे मानमुव्वल किया था और हमें ले जाकर एक कोठरी में बंद कर दिया और फरमान सुना दिया कि छोरियां भीत्तर ही रहेंगी। 

ऐसे में सपना तुम्हारा नाच इस समाज के मुंह पर करारा तमाचा था। जब नाच देखने वालों को शर्म नहीं तो करने वाली को क्यों हो? सपना तुम इतने कमजोर इरादों की तो नहीं हो सकती कि किसी के भद्देपन पर आत्महत्या की सोचो। पता नहीं तुमने यह कदम क्यों उठा लिया। 

क्यों मुझ जैसी अपनी हजारों फैन को मायूस कर दिया। तुमने तो लुघड़ी में से झांकती कितनी आंखों को रुआंसा कर दिया। अब जल्दी से ठीक हो जा छोरी और 'म्हीने भीत्तर सालिड बाडी' कर फिर कसूती नाच के दिखा।

Sunday, June 19, 2016

चेतन चौहान की नियुक्ति पर चिल्ल पौं करने वालों.. मत करो !

चेतन चौहान (तस्वीर: सोशल मीडिया)
कौन है जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलजी (NIFT) के चेयरमैन के रूप में पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान की नियुक्ति का मजाक उड़ा रहा है? भाईयों और बहनों बड़े नादान हैं आप। क्रिकेट और फैशन का बड़ा गहरा संबंध है। ठीक वैसा ही जैसा भंवरे का फूल से, तारों का आसमान से.....लेकर इमोजी का व्हाट्सएप से और मैसेंजर का फेसबुक से।

हां... तो बात यह है कि सरकारी हमारी बड़ी फाॅरवर्ड टाइप की है। वह कुछ अलग करने के लिए मचल रही है और पश्चिम के फैशन से भी आगे निकलना चाहती है। सरकार नहीं चाहती कि हमारे देश की लड़कियां सिर्फ क्राॅप टॉप, जम्प सूट, प्लाजो, वन पीस जैसे पिछड़े फैशन में ही बंधकर रह जाए इसलिए अब कुछ नया स्टाइल तैयार होगा और चेतन चौहान इस नए फैशन को ईजाद करने के लिए बिल्कुल परफेक्ट है।

क्या है कि अब ‘स्टॉकिंग’ (वो नेट वाली तरह-तरह की पजामियां, जो लड़के समझ नहीं पा रहे हैं वे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन जाकर थोड़ा समय बिताएं) को थोड़ा नया लुक देना चाहते है तो उसमें अब क्रिकेटिंग पैड का फ्यूजन होगा। स्टॉकिंग को अब आगे से कवर करके पीछे से एक डोरी से बांधने की तैयारी है।

ओह माई गोड! मैं तो इमेजिन नहीं कर पा रही। गर्मी बहुत है और दुपट्टे या स्टॉल से मुंह ढंकने पर तर-तर पसीने आते है इसलिए अब क्रिकेट वाले हेलमेट का नया क्लेक्शन मार्केट में आएगा। होगा यह कि चेहरा आपका पूरा कवर होगा।

सपना चौधरी, तुमने तो कमाल ही कर दिया

सिर के पीछे सूती कपड़ा होगा और आगे जॉर्जट या फिर नेट का कपड़ा होगा, जिससे थोड़ी-थोड़ी हवा लगती रहेगी और मजनुओं की तीर-ए-निगाहों से भी बचाव होगा। सरकार फैशन के साथ लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी भी देना चाहती है।

चेतन चौहान अब आपके इंटरनेशनल सेंस ऑफ ड्रेसिंग में भी तब्दीली करेंगे। अब आपको फोकट में एडवाइस दी जाएगी कि कौन-से देश जाने पर कौन-से रंग के कपड़े पहनने है। जैसे वेस्टइंडीज जाने पर मैजेंटा कलर, इंग्लैंड जाने पर गहरा नीला कलर, मसूद अजहर के देश जाने पर डार्क ग्रीन कलर वगैरह-वगैरह।

ऐसे ही नहीं सरकार के फैसले पर चिल्ल पौ मचानी चाहिए। पहले थोड़ा दिमाग पर जोर डालना चाहिए। मैं सरकार से एम्स में नवजोत सिंह सिद्धू, सेन्ट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट में बादल परिवार के किसी सदस्य, आईआईटी में हेमा मालिनी की नियुक्ति की पुरजोर मांग करती हूं।